Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi – पदार्थ हमारे आस–पास (Matter in Our Surroundings) के इस पोस्ट में हम आपको NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित, सरल, स्पष्ट और परीक्षा–उपयोगी संपूर्ण नोट्स उपलब्ध करा रहे हैं।
यह नोट्स विशेष रूप से CBSE, Bihar Board, UP Board तथा अन्य राज्य बोर्डों के हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए हैं, ताकि वे इस अध्याय के प्रत्येक महत्वपूर्ण सिद्धांत को आसानी से समझ सकें और बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
इस अध्याय में हमने पदार्थ की परिभाषा, पदार्थ के गुण, पदार्थ की अवस्थाएँ (ठोस, द्रव एवं गैस), कणों के बीच आकर्षण बल, घनत्व, संपीड्यता, तरलता, वाष्पीकरण, संघनन, गलनांक, क्वथनांक, उर्ध्वपातन तथा पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं में होने वाले परिवर्तनों को विस्तारपूर्वक और सरल भाषा में समझाया है।
साथ ही, इस अध्याय में पदार्थ के कणों की विशेषताएँ, गैसों का दबाव, ताप का प्रभाव, गुप्त ऊष्मा, प्लाज्मा एवं बोस–आइंस्टीन संघनित अवस्था (BEC) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी उदाहरणों और वैज्ञानिक व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है।
हर विषय को परिभाषाओं, मुख्य बिंदुओं, उदाहरणों, सारणी तथा आवश्यक सूत्रों के माध्यम से इस प्रकार समझाया गया है कि विद्यार्थी इसे आसानी से याद रख सकें और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
इसके अतिरिक्त, अध्याय में दिए गए दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों — जैसे कूलर ठंडा क्यों करता है, प्लेट में चाय जल्दी ठंडी क्यों होती है, गर्मियों में सूती कपड़े क्यों पहनते हैं आदि — को भी आसान भाषा में समझाया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अवधारणा और अधिक मजबूत हो सके।
अगर आप Class 9th Chemistry Chapter 1 – पदार्थ हमारे आस–पास (Matter in Our Surroundings) को बिल्कुल आसान हिंदी भाषा में समझना चाहते हैं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाना चाहते हैं,
तो यह फ्री हिंदी नोट्स और PDF डाउनलोड आपके लिए बेहद उपयोगी है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Board | CBSE Board, UP Board, Bihar Board, JAC Board, HBSE Board, RBSE Board, MPBSE Board, CGBSE Board, PSEB Board, UBSE Board |
| Textbook | NCERT |
| Class | Class 9th |
| Subject | Science (Chemistry) |
| Chapter No. | Chapter 1 |
| Chapter Name | Matter in Our Surroundings (पदार्थ हमारे आस–पास) |
| Category | Class 9th Chemistry Notes in Hindi |
| Medium | Hindi |
रसायन शास्त्र (Chemistry) किसे कहते हैं?
विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत पदार्थों के गुण (Properties), संरचना (Structure), संगठन (Composition) तथा उनमें होने वाले भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है, उसे रसायन शास्त्र कहते हैं।
रसायन शास्त्र केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है। भोजन पकाने, दवाइयाँ बनाने, साबुन, कपड़े, प्लास्टिक, रंग, उर्वरक, पेट्रोलियम पदार्थ तथा अनेक उपयोगी वस्तुओं के निर्माण में रसायन शास्त्र का विशेष योगदान होता है।
जब किसी पदार्थ में परिवर्तन होता है, जैसे लोहे में जंग लगना, दूध का दही बनना, लकड़ी का जलना आदि, तब इन सभी प्रक्रियाओं का अध्ययन रसायन शास्त्र के अंतर्गत किया जाता है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
रसायन शास्त्र का महत्व
- दवाइयों के निर्माण में सहायता करता है।
- कृषि के लिए उर्वरक एवं कीटनाशक बनाने में उपयोगी है।
- उद्योगों में विभिन्न रसायनों के निर्माण में काम आता है।
- दैनिक जीवन की वस्तुएँ जैसे साबुन, तेल, प्लास्टिक आदि रसायन शास्त्र पर आधारित हैं।
- नए पदार्थों और नई तकनीकों के विकास में सहायक है।
- आधुनिक रसायन शास्त्र के जनक एंटोनी लेवोजियर (Antoine Lavoisier) को माना जाता है। इन्होंने द्रव्यमान संरक्षण नियम दिया तथा रसायन विज्ञान को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
पदार्थ (Matter)
वह वस्तु जिसमें द्रव्यमान (Mass) हो, जो स्थान घेरती हो (Occupies Space) तथा जिसका अनुभव हमारी ज्ञानेन्द्रियों द्वारा किया जा सके, उसे पदार्थ कहते हैं।
सरल शब्दों में, हमारे आसपास दिखाई देने वाली लगभग सभी चीजें पदार्थ हैं। पदार्थ को हम देख सकते हैं, छू सकते हैं या महसूस कर सकते हैं।
पदार्थ के उदाहरण :
- मिट्टी
- वायु
- जल
- कागज
- लोहा
- लकड़ी
- पत्थर
- दूध आदि।
पदार्थ की मुख्य विशेषताएँ
- पदार्थ का द्रव्यमान होता है।
- पदार्थ स्थान घेरता है।
- पदार्थ को महसूस किया जा सकता है।
- पदार्थ विभिन्न अवस्थाओं में पाया जाता है, जैसे ठोस, द्रव एवं गैस।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
पदार्थ की अवस्थाएँ
1. ठोस (Solid)
जिस पदार्थ का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं, उसे ठोस कहते हैं। उदाहरण : लोहा, पत्थर, लकड़ी आदि।
2. द्रव (Liquid)
जिस पदार्थ का आयतन निश्चित लेकिन आकार निश्चित नहीं होता, उसे द्रव कहते हैं। उदाहरण : जल, तेल, दूध आदि।
3. गैस (Gas)
जिस पदार्थ का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन, उसे गैस कहते हैं। उदाहरण : वायु, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
कौन पदार्थ नहीं है?
कुछ ऐसी चीजें जिनका द्रव्यमान नहीं होता और जो स्थान नहीं घेरतीं, वे पदार्थ नहीं कहलाती हैं। ये केवल भावनाएँ, विचार या गुण होते हैं।
उदाहरण :
- मित्रता
- प्रेम
- विचार
- स्वाद
- गंध
- ठंडक
- गर्मी
- भावनाएँ आदि।
ध्यान दें :- स्वाद और गंध स्वयं पदार्थ नहीं हैं, बल्कि पदार्थों के गुण हैं।
वस्तु (Object)
पदार्थ से बनी हुई किसी निश्चित आकार की चीज को वस्तु कहते हैं। अर्थात जब किसी पदार्थ को किसी विशेष रूप या आकार में उपयोग के लिए बनाया जाता है, तब वह वस्तु कहलाती है।
उदाहरण :
- डेस्क
- टेबल
- पलंग
- कुर्सी
- किताब
- मोबाइल
- बोतल आदि।
महत्वपूर्ण तथ्य
- प्रत्येक वस्तु पदार्थ से मिलकर बनी होती है।
- लेकिन प्रत्येक पदार्थ वस्तु नहीं होता।
- उदाहरण के लिए, लकड़ी एक पदार्थ है, जबकि लकड़ी से बनी कुर्सी एक वस्तु है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
स्वीमिंग पुल में गोताखोर पानी को क्यों काट पाता है?
स्वीमिंग पुल में पानी के कणों के बीच आकर्षण बल (Force of Attraction) अपेक्षाकृत कमजोर होता है। इसी कारण गोताखोर आसानी से पानी के कणों को अलग करते हुए पानी में प्रवेश कर जाता है।
यह घटना इस बात को सिद्ध करती है कि द्रव पदार्थों के कणों के बीच आकर्षण बल ठोस की तुलना में कम होता है।
अर्थात पानी के कण एक-दूसरे से जुड़े तो रहते हैं, लेकिन उनका आकर्षण इतना मजबूत नहीं होता कि वे अलग न हो सकें।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
पदार्थ की अवस्था (State of Matter)
पदार्थ जिन-जिन रूपों में पाया जाता है, उन्हें पदार्थ की अवस्था कहते हैं।
मुख्य रूप से पदार्थ की तीन अवस्थाएँ होती हैं —
- ठोस (Solid)
- द्रव (Liquid)
- गैस (Gas)
इसके अतिरिक्त दो अन्य अवस्थाएँ भी हैं —
4. प्लाज्मा (Plasma)
5. बोस-आइंस्टीन संघनित अवस्था (BEC)
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
आकार (Shape)
कोई वस्तु जितना स्थान घेरती या रोकती है, उसे उस वस्तु का आकार कहते हैं। उदाहरण के लिए, गेंद गोल आकार की होती है जबकि किताब आयताकार आकार की होती है।
1. ठोस (Solid)
वह पदार्थ जिसका आकार एवं आयतन दोनों निश्चित होते हैं, ठोस कहलाता है।
उदाहरण :
- चीनी
- नमक
- बालू
- लोहा
- पत्थर आदि।
ठोस के गुण
- ठोस का आकार और आयतन निश्चित होता है।
- ठोस को आसानी से दबाया नहीं जा सकता।
- ठोस का घनत्व सामान्यतः सबसे अधिक होता है।
- ठोस पदार्थ बहते नहीं हैं।
- ठोस अपने बर्तन को पूर्ण रूप से नहीं भरते हैं।
- ठोस के कण बहुत पास-पास होते हैं तथा उनमें आकर्षण बल अत्यधिक होता है।
उदाहरण :- लोहे को हाथ से दबाकर उसका आकार बदलना कठिन होता है क्योंकि उसके कणों के बीच आकर्षण बल बहुत अधिक होता है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
घनत्व (Density)
किसी वस्तु के इकाई आयतन में उपस्थित द्रव्यमान को घनत्व कहते हैं।
सूत्र : घनत्व= द्रव्यमान / आयतन
SI मात्रक : किलोग्राम प्रति घन मीटर (kg/m3)(kg/m^3)(kg/m3)
महत्वपूर्ण तथ्य :
- ठोस पदार्थों का घनत्व सामान्यतः अधिक होता है।
- गैसों का घनत्व सबसे कम होता है।
2. द्रव (Liquid)
वह पदार्थ जिसका आकार अनिश्चित लेकिन आयतन निश्चित होता है, द्रव कहलाता है। द्रव अपने बर्तन का आकार ग्रहण कर लेते हैं।
उदाहरण :
- जल
- दूध
- तेल
- पेट्रोल आदि।
द्रव के गुण
- द्रव का आकार निश्चित नहीं होता।
- द्रव का आयतन निश्चित होता है।
- द्रव को बहुत कम मात्रा में दबाया जा सकता है।
- द्रव का घनत्व ठोस से कम होता है।
- द्रव आसानी से बहते हैं।
- द्रव अपने बर्तन को पूर्ण रूप से नहीं भरते।
- द्रव के कणों के बीच आकर्षण बल ठोस से कम होता है।
उदाहरण :- पानी को किसी भी बर्तन में डालने पर वह उसी का आकार ले लेता है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
3. गैस (Gas)
वह पदार्थ जिसका आकार एवं आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं, गैस कहलाती है।
उदाहरण :
- वायु
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड आदि।
गैसों के गुण
- गैसों का आकार और आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं।
- गैसों का घनत्व बहुत कम होता है।
- गैसों को आसानी से दबाया जा सकता है।
- गैसें तेजी से बहती और फैलती हैं।
- गैसें अपने बर्तन को पूर्ण रूप से भर देती हैं।
- गैसों के कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
गैस पूरी तरह बर्तन को क्यों भर देती है?
गैस के कणों के बीच बहुत अधिक दूरी होती है तथा उनमें तेजी से इधर-उधर गति करने का गुण पाया जाता है। इसी कारण गैस के कण पूरे बर्तन में फैल जाते हैं और गैस बर्तन को पूरी तरह भर देती है।
उदाहरण :- अगर कमरे में इत्र छिड़का जाए तो उसकी खुशबू कुछ समय बाद पूरे कमरे में फैल जाती है।
प्लाज्मा (Plasma)
प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था मानी जाती है। यह मुक्त इलेक्ट्रॉनों तथा आयनों का मिश्रण होता है। प्राकृतिक रूप से प्लाज्मा सूर्य और तारों में पाया जाता है। सूर्य एवं तारों के चमकने का मुख्य कारण प्लाज्मा अवस्था ही है।
उदाहरण :
- सूर्य
- तारे
- बिजली की चमक (Lightning)
- नीयॉन बल्ब आदि।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
बोस-आइंस्टीन संघनित अवस्था (Bose-Einstein Condensate – BEC)
यह पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है। इसका सिद्धांत भारतीय वैज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस ने दिया था, जिसे बाद में अल्बर्ट आइंस्टीन ने विकसित किया।
जब गैस को अत्यंत कम तापमान पर ठंडा किया जाता है, तब उसके कण बहुत धीमे हो जाते हैं और एक ही अवस्था में आ जाते हैं। इसे बोस-आइंस्टीन संघनित अवस्था कहते हैं। यह अवस्था सामान्य परिस्थितियों में नहीं पाई जाती।
दृढ़ता (Rigidity)
ठोस पदार्थों के कणों के बीच आकर्षण बल बहुत अधिक होता है, जिसके कारण ठोस को तोड़ना या दबाना कठिन होता है। पदार्थ के इस गुण को दृढ़ता कहते हैं।
उदाहरण :
- पत्थर
- लोहा
- लकड़ी आदि।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
संपीड्यता (Compressibility)
गैसों के कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है। दाब बढ़ाने पर इन रिक्त स्थानों को कम किया जा सकता है। पदार्थ के इस गुण को संपीड्यता कहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य :
- गैसों की संपीड्यता सबसे अधिक होती है।
- ठोस की संपीड्यता सबसे कम होती है।
तरलता (Fluidity)
पदार्थों के बहने के गुण को तरलता कहते हैं। द्रव और गैस दोनों में तरलता पाई जाती है क्योंकि इनके कण आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकते हैं।
उदाहरण :
- पानी का बहना
- हवा का चलना
बर्तन में गैस का भरना
गैस के अधिक आयतन को दबाकर कम आयतन वाले सिलेंडर में भरने की प्रक्रिया को बर्तन में गैस का भरना कहते हैं।
उदाहरण :
- LPG गैस सिलेंडर
- ऑक्सीजन सिलेंडर
- CNG सिलेंडर आदि।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
किसी वस्तु के गति में रहने के कारण उसमें जो कार्य करने की क्षमता होती है, उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं।
उदाहरण :
- चलती हुई गाड़ी
- बहता हुआ पानी
- घूमता हुआ पंखा
पदार्थ के कण लगातार गति करते रहते हैं, इसलिए उनमें गतिज ऊर्जा पाई जाती है।
गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव क्यों डालती है?
गैस के कण स्वतंत्र रूप से बहुत तेज गति से लगातार इधर-उधर चलते रहते हैं। चलते समय ये कण आपस में तथा बर्तन की दीवारों से टकराते हैं।
कणों के लगातार टकराने के कारण बर्तन की दीवारों पर बल लगता है, जिसे गैस का दबाव कहते हैं।
अर्थात गैस के कणों की निरंतर गति और टकराव के कारण गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
लकड़ी की मेज ठोस क्यों कहलाती है?
लकड़ी के कणों के बीच अंतराआणविक आकर्षण बल बहुत अधिक होता है। इसी कारण लकड़ी का आकार और आयतन निश्चित रहता है तथा उसे आसानी से दबाया या तोड़ा नहीं जा सकता।
चूँकि मेज लकड़ी से बनी होती है, इसलिए लकड़ी की मेज को ठोस पदार्थ कहा जाता है।
महत्वपूर्ण संक्षिप्त रूप (Abbreviations)
LPG=Liquefied Petroleum Gas – यह मुख्य रूप से खाना पकाने में उपयोग की जाती है।
CNG=Compressed Natural Gas – यह वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग की जाती है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
ताप का SI मात्रक
ताप (Temperature) का SI मात्रक केल्विन (Kelvin) होता है। इसे K से प्रदर्शित किया जाता है।
महत्वपूर्ण तापमान
| मात्रा | मान |
| 0∘C | 273K |
| जल का जमाव बिंदु | 0∘C |
| जल का क्वथनांक | 100∘C या 373K |
ध्यान दें :- जल का क्वथनांक 100∘C होता है, जबकि 273K पानी का जमाव बिंदु होता है।
गलनांक (Melting Point)
जिस निश्चित ताप पर कोई ठोस पदार्थ द्रव में बदलता है, उसे उस पदार्थ का गलनांक कहते हैं।
उदाहरण :
- बर्फ का गलनांक → 0∘C
- मोम का गलनांक → 63∘C
- लोहे का गलनांक → 1535∘C
संगलन (Melting)
ठोस पदार्थ के द्रव में बदलने की प्रक्रिया को संगलन कहते हैं।
उदाहरण : बर्फ का पिघलकर पानी बनना।
वाष्पीकरण (Evaporation)
द्रव के गैस में बदलने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं। यह प्रक्रिया द्रव की सतह पर किसी भी तापमान पर धीरे-धीरे होती रहती है।
उदाहरण :
- कपड़ों का सूखना
- पानी का धीरे-धीरे उड़ना
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
संघनन (Condensation)
वाष्प या गैस को ठंडा करके द्रव में बदलने की प्रक्रिया को संघनन कहते हैं।
उदाहरण : ठंडे गिलास के बाहर जल की बूंदें बनना।
जमना (Freezing)
द्रव को ठंडा करके ठोस में बदलने की प्रक्रिया को जमना कहते हैं।
उदाहरण : पानी का बर्फ बनना।
विभिन्न पदार्थों के क्वथनांक
| पदार्थ | क्वथनांक |
| जल | 100∘C |
| अल्कोहल | 78∘C |
| पारा | 357∘C |
वाष्पीकरण तथा क्वथन में अंतर
| वाष्पीकरण | क्वथन |
| यह धीमी प्रक्रिया है | यह तेज प्रक्रिया है |
| यह केवल सतह पर होता है | यह पूरे द्रव में होता है |
| यह किसी भी ताप पर हो सकता है | यह निश्चित ताप पर होता है |
| बाहरी ऊष्मा आवश्यक नहीं | बाहरी ऊष्मा आवश्यक होती है |
क्वथन (Boiling)
निश्चित ताप पर द्रव के तेजी से उबलने की प्रक्रिया को क्वथन कहते हैं। इस ताप को उस द्रव का क्वथनांक कहते हैं।
उर्ध्वपातन (Sublimation)
कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो ठोस अवस्था से सीधे गैस में तथा गैस से सीधे ठोस में बदल जाते हैं, बिना द्रव अवस्था में आए। इस प्रक्रिया को उर्ध्वपातन कहते हैं।
उदाहरण :
- कपूर
- आयोडीन
- अमोनियम क्लोराइड
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
गलन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Fusion)
वायुमंडलीय दाब पर 1 किलोग्राम ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है, उसे गलन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
वाष्पन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporization)
1 किलोग्राम द्रव को उसके क्वथनांक पर गैस में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा को वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
हिमीकरण की गुप्त ऊष्मा
जब 1 किलोग्राम द्रव ठोस में बदलता है, तब वह जितनी ऊष्मा बाहर छोड़ता है, उसे हिमीकरण की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
दाब का SI मात्रक
दाब (Pressure) का SI मात्रक पास्कल (Pascal) होता है। इसे Pa से प्रदर्शित किया जाता है।
गर्म और शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडा क्यों करता है?
गर्म और शुष्क दिन में वायु में जलवाष्प की मात्रा कम होती है। इससे पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है।
जब कूलर का पानी तेजी से वाष्पित होता है, तब वह आसपास से ऊष्मा ग्रहण करता है, जिससे वातावरण ठंडा हो जाता है। इसी कारण गर्म और शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडक देता है।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
गर्मियों में सूती कपड़े क्यों पहनने चाहिए?
सूती कपड़े पसीने को आसानी से सोख लेते हैं तथा उसे जल्दी वाष्पित होने में सहायता करते हैं।
पसीने के वाष्पीकरण के दौरान शरीर से ऊष्मा निकलती है, जिससे हमें ठंडक महसूस होती है।
इसके अलावा हल्के रंग के कपड़े सूर्य की ऊष्मा को कम अवशोषित करते हैं।
इसी कारण गर्मियों में सूती तथा हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
एसीटोन, पेट्रोल या इत्र डालने पर हथेली ठंडी क्यों हो जाती है?
एसीटोन, पेट्रोल और इत्र बहुत जल्दी वाष्पित होने वाले पदार्थ हैं। जब इन्हें हथेली पर डाला जाता है, तब इनके वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा हथेली से प्राप्त होती है। इससे हथेली की ऊष्मा कम हो जाती है और हमें ठंडक महसूस होती है।
कप की अपेक्षा प्लेट में चाय जल्दी ठंडी क्यों हो जाती है?
प्लेट में चाय फैल जाने के कारण उसका सतही क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
सतही क्षेत्रफल बढ़ने से वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है, जिससे चाय जल्दी ठंडी हो जाती है।
इसी कारण हम कप की अपेक्षा प्लेट में चाय जल्दी पी लेते हैं।
Class 9 Chemistry Chapter 1 Notes in Hindi
निष्कर्ष (Conclusion)
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